चैम्बर प्रैक्टिस क्या है | What is Chamber Practice

चैम्बर प्रैक्टिस क्या है | What is Chamber Practice
चैम्बर प्रैक्टिस क्या है | What is Chamber Practice
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चैम्बर प्रैक्टिस क्या है | What is Chamber Practice

 

चैम्बर प्रैक्टिस द्वारा विधि व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लाभ का वर्णन कीजिये। Describe the advantages of Practical Training of Law given by Chamber Practice.

 

 

चैम्बर प्रैक्टिस (Chamber Practice) :- जो अधिवक्ता तथा अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायालयों में जाकर प्रैक्टिस नहीं करते हैं बल्कि अपने घर या ऑफिस में ही कानूनी परामर्श देते हैं, इस प्रकार की प्रैक्टिसको चेम्बर प्रैक्टिस कहते हैं। यह व्यवस्था मुम्बई, चेन्नई तथा कोलकात्ता में बहुत प्रचलन में हैं। चैम्बर प्रैक्टिस में परामर्श देने वाले व्यक्ति चैम्बर में ही बैठ कर फाइलों का अध्ययन करते हैं तथा आवश्यक दस्तावेजों का निर्माण करते हैं। चैम्बर प्रैक्टिस उनके लिये बहुत अच्छा है जो कि वरिष्ठ अधिवक्ता है तथा सेवा निवृत न्यायाधीश हैं।

 

 

चैम्बर प्रैक्टिस के लाभ (Advantages of Chamber Practice)

 

Chamber Practice चैम्बर प्रैक्टिस विधि के व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का एक सुगम तरीका है। इससे व्यक्ति को अनेक लाभ होते हैं-




  1. Chamber Practice चैम्बर प्रैक्टिस से जो व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है, उसे न्यायालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। ऐसे प्रश्न एवं उनके उत्तर प्रायः चैम्बर में ही आ जाते हैं।

 

  1. चैम्बर प्रैक्टिस से प्रशिक्षणार्थी को अधिक समय दिया जा सकता है।

 

  1. चैम्बर प्रक्टिस से प्रशिक्षणार्थी को किसी भी विधि पर पक्ष एवं विपक्ष के तर्क उसी समय एवं वहीं प्राप्त हो सकते हैं।

 

  1. चैम्बर प्रैक्टिस में प्रशिक्षण प्राप्त करने दाले व्यक्ति को सामान्यत: लाइब्रेरी की परेशानी नहीं होती है।




  1. चैम्बर प्रैक्टिस के दौरान प्रशिक्षणार्थी को एक ही स्थान पर अधिवक्ता, अध्यापक, एवं न्यायाधीश प्राप्त हो जाते हैं, जिस कारण वह विधि की बारीकियों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

 

  1. चैम्बर प्रैक्टिस में प्रशिक्षणार्थी को दस्तावेज लेखन की कला का अच्छा ज्ञान ही जाता है।

 

  1. चैम्बर प्रेक्टिस से व्यक्ति के अन्दर निरन्तरता तथा शाश्वतता बनी रहती है। क्योंकि हड़तालों, स्थगनों आदि का चैम्बर प्रैक्टिस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैं।

 

  1. चैम्बर प्रैक्टिस से व्यक्ति पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि चैम्बर प्रैक्टिस का उपयोग विधि के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिये जाने के लिये आसान तथा सुगम है।




 

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