What Causes of Sexual Offenses – लैंगिक यौन अपराधों के क्या कारण है

What Causes of Sexual Offenses - लैंगिक यौन अपराधों के क्या कारण है
What Causes of Sexual Offenses - लैंगिक यौन अपराधों के क्या कारण है
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What Causes of Sexual Offenses – लैंगिक यौन अपराधों के क्या कारण है

 

लैंगिक यौन अपराध के कारण (Causes of Sexual Offenses):- एक्ट के अनुसार यौन या लैंगिक अपराध निम्नलिखित कारण होते हैं

 

सामान्य शारीरिक आवश्यकता एवं उसका दमन लैंगिक यौन अपराध के कारण

 

अनुकूल परिस्थितियों में यौन भावना का दमन  हानिकारक नहीं होता है किंतु परिस्थितियां इस भावना को आवश्यकता बना सकती हैं। तब इसे दबा पाना असंभव हो जाता है। विशेष रूप से जब समाज इसे बर्दाश्त करता हो वेश्यावृत्ति इस प्रकार की आवश्यकता को बिना किसी विशेष कठिनाई के पूरा कर देती है अतः उसे प्रोत्साहन मिलता है।

 

लैंगिक उत्सुकता की तीव्रता एवं शारीरिक संरचना के प्रकार में अंतर- What Causes of Sexual Offenses




 

लैंगिक उत्सुकता की तीव्रता एवं शारीरिक संरचना के प्रकार में अंतर भी लोगों में यौन संबंधों की इच्छा की तीव्रता भिन्न-भिन्न होती है। अतः यह संभव है कि पति या पत्नी में से कोई भी एक दूसरे की  यौन तृप्ति करने में असमर्थ हो। यह शारीरिक प्रकार के कारण भी हो सकते हैं और मनोवैज्ञानिक कारणों से भी संभव है। ऐसी दशा में अतिरिक्त वासना की पूर्ति हेतु व्यक्ति यौन अपराधों जैसी वेश्यावृत्ति या प्रकृति का सहारा लेता है।

 

आर्थिक कारण लैंगिक यौन अपराध का एक कारण

 

यदि भूखों मरने के डर से बहुत ही नगण्य संख्या में महिलाएं वेश्यावृत्ति अपनाती हैं। परंतु फिर भी आर्थिक कारण एक प्रमुख कारण है क्योंकि आर्थिक स्थिति ही वातावरण एवं पड़ोस के लिए निर्णायक होती है और जब काम ना करने पर भी आसपास की लड़कियां वेश्यावृत्ति से उनके कई गुना अधिक कमा लेती हैं जो घरों में काम करके कमेटी है।  तब लालची औरतें एवं लड़कियां इस ओर अग्रसर हो जाती हैं।

 

पारिवारिक परिस्थितियां भी लैंगिक यौन अपराध के जिम्मेदार है- Causes of Sexual Offenses




 

अनेक अध्ययनों से यह प्रमाणित हुआ है कि यौन अपराधी लड़कियां अच्छे घरों की अपेक्षा विघटित परिवारों से अधिक आती हैं। जैसे जहां मां बाहर काम पर जाती है ,भीड़भाड़ भरे घर जहां स्त्री पुरुष एक ही कमरे में सोते हैं। सकॉट के अनुसार माँ स्वयं वेश्या है पिता एक भरवा है और वह अपनी पुत्रियों को बाजार में बिना तनिक भी खेडी के भेज देते हैं और प्राय लैंगिक मैथुन के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हैं।

 

पड़ोस का वातावरण भी लैंगिक यौन अपराध के कारण

 

विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक व्यवहारों में भिन्नता पाई जाती है। कुछ क्षेत्रों में कम उम्र में ही लैंगिक मैथुन की आदतें पाई जाती हैं। वातावरण का अत्यधिक प्रभाव पड़ने के कारण उन क्षेत्रों में यौन अपराध पनपते हैं। कुछ क्षेत्रों में इन्हें सहन करने के साथ-साथ प्रोत्साहित भी किया जाता है और पुलिस के छापों के विरुद्ध उन्हें शरण भी दी जाती है।

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यौन उद्दीपन

 

वेशभूषा एवं शहर, रहन-सहन की आदतों में परिवर्तन, यौन उत्तेजक नाटक एवं सिनेमा सौंदर्य के प्रसाधनों का प्रयोग यौन भावना को त्रीवता के साथ उद्धृत करते हैं। आज के युग में अपने गुप्तांगों का प्रदर्शन करती हुई इठलाती अर्धनग्न महिला देखकर पुरुषों को उत्तेजना होना स्वाभाविक ही है।  अपरिपक्व अपरिपक्वब मस्तिष्क के किशोर अश्लील साहित्य पढ़कर एवं अश्लील सिनेमा देखकर उन्हें वास्तव में अनुभव करने को लालायित हो कर भी यौन अपराध करते हैं। वास्तव में आज का फैशन यौन अपराधों पर खुला निमंत्रण है।




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सामाजिक अपयश एवं हीनता की भावना

 

अनैतिक यौन संबंध कभी कभी समाज में अपयश और निंदा के कारण बन जाते हैं और ऐसी महिलाओं में हीन भावना पैदा हो जाती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में यह असामान्य उन्हें व्यभिचारिणी बना देता है। एक बार भी महिला के साथ यदि किसी कारण किसी प्रकार की घटना घट जाए तो भले ही यह उसकी इच्छा के विरुद्ध हो रही हो समाज से बहिष्कृत कर देते हैं। उसे सम्मानित व्यक्तियों में सम्मिलित होने से रोक दिया जाता है। उसकी शादी की संभावना खत्म हो जाती है उसे वेश्यावृत्ति पर मजबूर कर दिया जाता है। Also Read Nature of Criminology in Hindi – अपराध शास्त्र की प्रकृति का वर्णन

 

विवशता एवं महिलाओं तथा बच्चों का का अवैध व्यापार

 

आज के व्यापारिक युग में इस तरह के प्रशिक्षकों की आवश्यकता है और जो ग्राहकों की आवश्यकता पूरी कर सके। यह कार्य संगठित असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण करके किया जाता है।

अधिकतर महिलाएं स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देने को तैयार हो जाती हैं क्योंकि सुखवादी दर्शन के अनुसार भी वही करती है जो उस समय उन्हें आनंद में लगता है। Also Read Judgement on Education Loan – ख़राब क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद एजुकेशन लोन देना पड़ेगा




 

गर्भनिरोधक और गुप्त बीमारियों के निदान की सुलभता की वजह से भी लैंगिक अपराधों में बढ़ोतरी

 

आधुनिक युग में मानव को यौन अपराध के कारण गर्भ रह जाने का ध्यान नहीं रह गया है। उन्हें गर्भ निरोधक साधन बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं इसलिए सामाजिक निंदा के भय से यौन इच्छा पर रहने वाला नियंत्रण अब ढीला पड़ गया है। साथ ही अलग-अलग लोगों से यौन संबंध स्थापित करने से होने वाली बीमारियों का निदान में भी सुलभता हो गई है इसलिए भी यौन अपराधों को प्रोत्साहन मिला है। Also Read Trial Before Session Court in Hindi – सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण

 

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