Mens rea Meaning in Hindi  | दोषपूर्ण आशय की परिभाषा

Supreme Court Judgement on Procedure for Registration of Sale Deed | ब्रिकी विलेख के पंजीकरण के दौरान दोनों पक्षों का उपस्थित रहना जरूरी नहीं है

January 28, 2020 Legalhelpinhindi 0

ब्रिकी विलेख के पंजीकरण के दौरान दोनों पक्षों का उपस्थित रहना जरूरी नहीं है | Procedure for Registration of Sale Deed सुप्रीम कोर्ट ने कहा […]

सुप्रीम कोर्ट के सामने लड़के ने अपील दायर की, जिस पर न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट धारा 482, सीआरपीसी के तहत अपने पहले आदेश को वापस नहीं ले सकता है, क्योंकि आपराधिक मामलों में हाईकोर्ट के द्वारा पारित आदेश को वापस लेने या समीक्षा करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। यह नोट किया गया है कि, यदि स्कूल प्रमाण पत्र में दी गई जन्म तिथि को स्वीकार किया जाता है, तो लड़का 17 वर्ष का था, अर्थात् जब वह लड़की से शादी करता है तो अठारह वर्ष से कम आयु का होता है और इसलिए उस पर बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9 लागू नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने तब जांच की कि क्या धारा 9 में 18 से 21 साल के पुरुष को सजा दी जाएगी। इस तथ्य पर ध्यान देते हुए कि इस मामले में, लड़की एक वयस्क थी,

A Minor Man Cannot be Punished for Marrying an Adult Woman- Supreme Court | एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती

November 24, 2019 Legalhelpinhindi 1

RATHNAMMA & ORS. vs SUJATHAMMA & ORS.- एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती – सुप्रीम कोर्ट […]