प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 2019 | Supreme Court Latest Judgement 2019

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प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 2019 | Supreme Court Latest Judgement 2019


Diary Number 31875-2006 Judgment
Case Number C.A. No.-004527-004527 – 2009 29-01-2019
Petitioner Name POONA RAM
Respondent Name MOTI RAM (D) TH. LRS.
Petitioner’s Advocate PRATIBHA JAIN
Respondent’s Advocate K. V. BHARATHI UPADHYAYA
Bench HON’BLE MR. JUSTICE N.V. RAMANA, HON’BLE MR. JUSTICE MOHAN M. SHANTANAGOUDAR, HON’BLE MS. JUSTICE INDIRA BANERJEE
Judgment By HON’BLE MR. JUSTICE MOHAN M. SHANTANAGOUDAR

प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना एक अहम फैसला 29 जनवरी 2019 को दिया । सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस फैसले में कहा, कि अगर किसी ने अस्थाई रूप से प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है, और उस प्रॉपर्टी का मालिक है यानी कि जिस व्यक्ति के नाम से वह प्रॉपर्टी रजिस्टर है । वह बलपूर्वक उस कब्जा करने वाले व्यक्ति को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकता है । (प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट) चाहे कब्जा उसने 12 साल से ज्यादा समय से क्यों न कर रखा हो । इसके लिए प्रॉपर्टी के मालिक को कोर्ट में जाने की भी जरूरत नहीं है,  क्योंकि कोर्ट की कार्यवाही की जरूरत तभी पड़ती है,जब बिना टाइटल की प्रॉपर्टी हो और संपत्ति पर सेटल्ड कब्जा हो | (प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट)

जस्टिस एन वी रमना और एम एम शांतानगोदर

यह फैसला जस्टिस एन वी रमना और एम एम शांतानगोदर की पीठ ने दिया । उन्होंने आगे यह कहा कि जब कोई व्यक्ति कब्जे की बात करता है, तो उसे प्रॉपर्टी पर कब्जे का टाइटल भी दिखाना होता है, और उसे प्रूफ करना होता है, कि वह प्रॉपर्टी उसकी है और उसी का उस पर कब्जा है। (प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला)

लेकिन अगर किसी ने किसी की प्रॉपर्टी पर अस्थाई रूप से कब्जा कर लिया है, तो इस तरह के कब्जे को उस प्रॉपर्टी का जो वास्तविक मालिक है, उसके खिलाफ अधिकार नहीं मिल जाता । वास्तविक कब्जा तभी होता है, जब उस प्रॉपर्टी पर बहुत लंबे समय से कब्जा किया हो और उसका जो वास्तविक मालिक है वह चुपचाप बैठा हो ।

नीचे दिए गए जजमेंट की पूरी कॉपी पढे:-

Diary Number 31875-2006 Judgment Case Number C.A. No.-004527-004527 – 2009 29-01-2019 Petitioner Name POONA RAM Respondent Name MOTI RAM (D) TH. LRS. Petitioner’s Advocate PRATIBHA JAIN Respondent’s Advocate K. V. BHARATHI UPADHYAYA Bench HON’BLE MR. JUSTICE N.V. RAMANA, HON’BLE MR. JUSTICE MOHAN M. SHANTANAGOUDAR, HON’BLE MS. JUSTICE INDIRA BANERJEE Judgment By HON’BLE MR. JUSTICE MOHAN M. SHANTANAGOUDAR





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प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 2019 | Supreme Court Latest Judgement 2019

2 Replies to “प्रोपर्टी पर अवैध कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला 2019 | Supreme Court Latest Judgement 2019”

  1. Respected Sir/mam,
    Sir up ke dist.amethi mein main San 2000 ke pehle ghar banane ke liye gaon ke bahar 1 zameen kharidi thi jo ki road ke kinara hain aur mere na legally bainama bhi darj hai jab 2002 ke aas pass me is zameen par ghar banwa raha tha deewarein 9 feet ban chuki thi tabhi gaon ke pradhan ne use paas ke 2-3 gaon ke logon ko milakar girwa diya tha jisme mera 2-3 lakh rupye tak ka nuksaan bhi hua aur ye case aaj bhi court me chal raha hai plzz is vishay par meri help kijiye aur bataiye ke kya ham pradhan se is ki bhar payi karwasakte hain ya nahi.

    1. Property jese civil case salo tak court me pending pade rahe the, jesa ki aap bhi face kar rahehai. Magar apko ghabrana nahi chahiye paper apke naam hai to faisla bhi apke hi ke hak me higa. Or apko uski bharpayi bhi milegi. Par ye ek technical case hai bhi hai kis wajah se apko pareshan kiya gaya yah baat bhi dekhne wali hai

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