सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को खत्म किया || Supreme Court Full Judgement on Sri Shant Match Fixing Case

Spread the love

सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को खत्म किया || Supreme Court Full Judgement on Sri Shant Match Fixing Case




Diary Number 42358-2017 Judgment
Case Number C.A. No.-002424-002424 – 2019 15-03-2019
Petitioner Name S. SREESANTH
Respondent Name THE BOARD OF CONTROL FOR CRICKET IN INDIA
Petitioner’s Advocate Krishnamohan K.
Respondent’s Advocate
Bench HON’BLE MR. JUSTICE ASHOK BHUSHAN, HON’BLE MR. JUSTICE K.M. JOSEPH
Judgment By HON’BLE MR. JUSTICE ASHOK BHUSHAN

पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है । सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आईपीएल 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में फैसला देते हुए श्री शांत पर लगा आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया है । और बीसीसीआई से 3 महीने में उनकी सजा का पुनर्विचार करने के लिए भी कहा है । सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल थे । और इस प्रतिबंध को उन्होंने कठोर सजा को बताते हुए कहा कि अनुशासन समिति ने कंडीशन को ध्यान में नहीं रखा । इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति को 3 महीने के अंदर सजा की मात्रा पर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं । (Sri Shant Match Fixing Case)

केरल हाईकोर्ट ने बीसीसीआई द्वारा लगाए गए अजीवन प्रतिबंध की पुष्टि की थी । अपने फैसले को सुप्रीमकोर्ट ने 1 मार्च को सुरक्षित रख लिया था । 2017 में केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बीसीसीआई द्वारा श्रीशांत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था । और उनके खिलाफ शुरू की गई सभी कार्यवाही को रद्द कर दिया था । श्रीसंत अपने बचाव में यह कहा था कि उन्हें पुलिस हिरासत में मैच फिक्सिंग में अपनी मौजूदगी कबूल करनी पड़ी, क्योंकि पुलिस की हिरासत में उनके साथ बहुत यातनाएं दी गई थी । उनके परिवार को फंसाने की धमकी दी गई थी । जिससे उन्होंने अपने आप को मैच फिक्सिंग में होने के लिए कबूल कर लिया था । उन्होंने अपने बचाव में यह भी कहा कि वह बीसीसीआई के लिए बहुत ज्यादा ईमानदार है । और लोग भी यही चाहते हैं कि वह आगे क्रिकेट खेले ।

PDF JUDGEMENTको यहां पढे |

सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध को रद्द किया, BCCI को तीन महीने में फिर से विचार करने को कहा




Download PDF Copy



Download these Judgement Also:-

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला एक कैदी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला

मरीज का गलत ईलाज डाॅक्टर की लापरवाही नही सुप्रीम कोर्ट का फैसला || Latest Supreme Court Judgements on Medical Negligence

 Love Marriage Police Protection || हाई कोर्ट ने लव मैरिज करने वालों को दी ऐसी प्रोटेक्शन अहम फैसला

Is IPC 307 Bailable || IPC धारा 307 मे समझौता होने से केस खतम नही होगा-सुप्रीम कोर्ट 

Supreme Court Judgement on Love Marriage Police Protection | Right To Choose Life Partner Is A Fundamental Right. 

(Visited 34 times, 1 visits today)

2 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *