All About LIC Micro Insurance Plan || LIC’s Micro Bachat Plan || एल.आई.सी.की माइक्रो बचत योजना

LIC Micro Bachat Plan
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Know all About LIC Micro Insurance Plan || LIC’s Micro Bachat Plan || एल.आई.सी.की माइक्रो बचत योजना

(Micro Insurance Plan LIC’s Micro Bachat is a regular premium, non-linked, participating micro insurance plan which offers a combination of protection and savings)

एल.आई.सी.की माइक्रो बचत योजना (UIN):(512N329V01) :-

एल.आई.सी. की माइक्रो बचत एक नियमित प्रीमियम, गैर- लिंक्ड, सह-भागी सूक्ष्म बीमा योजना है जो सुरक्षा और बचत का एक संयोजन प्रदान करती है। यह योजना पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसी धारक की दर्भाग्यपूर्ण मत्युृ के मामले में परिवार के लिए वित्तीय सहायता और जीवित पॉलिसी धारक के लिए परिपक्वता के समय एकमुश्त राशि प्रदान करती है। यह योजना अपनी ऋण सुविधा के माध्यम से तरलता की जरूरतों का भी ध्यान रखती है।




पात्रता की शर्तें और अन्य प्रतिबंध (Micro Insurance Plan)

(यह योजना बिना किसी चिकित्सीय परीक्षण के केवल मानक स्वस्थ जीवनों के लिए उपलब्ध है)

अ) न्यूनतम मूल (बेसिक) बीमित राशि रु 50,000

आ) अधिकतम मूल बीमित राशि प्रति जीवन: रु 200,000 मूल (बेसिक) बीमित राशि Rs.5,000 / – के गुणकों में उपलब्ध होगा।

इ) प्रवेश पर न्यूनतम आयु: 18

ई) प्रवेश पर अधिकतम आयु: 55

उ) पॉलिसी अवधि: 10 से 15 साल

ऊ) प्रीमियम भुगतान अवधि: पॉलिसी अवधि के समान

ए) परिपक्वता पर अधिकतम आयु: 70 वर्ष * व्यक्तिगत जीवन के लिए इस योजना के तहत जारी सभी पॉलिसियों के तहत कुल मूल बीमित राशि रु.2 लाख से अधिक नहीं होगी। जोखिम शुरू करने की तिथि: इस योजना के तहत जोखिम की स्वीकृति की तारीख से जोखिम तुरंत प्रारंभ होगा ।

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2. प्रीमियम का भुगतान

पॉलिसी की अवधि में प्रीमियम का भुगतान वार्षिक, छमाही, त्रैमासिक या मासिक अंतराल पर नियमित रूप से किया जा सकता है।

3. छूट अवधि

सभी प्रकार के प्रीमियम के भुगतानों के लिए एक महीने की, लेकन 30 दिनों से कम नहीं की एक छूट अवधि की अनुमति होगी।

4. लाभ

अ) परिपक्वता लाभ: पॉलिसी अवधि के अंत तक बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर, बश सभी देय प्रीमियम का भुगतान किया गया हो, “परिपक्वता पर बीमित राशि” और लॉयल्टी एडिशन यदि कोई हो, देय होगी।जहां “परिपक्वता पर देय बीमित राशि” मूल बीमित राशि के बराबर होगी।



आ) मतृ्यु लाभ – पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मत्युृ पर, बशर्ते सभी देय प्रीमियम का भुगतान किया गया हो

जहां “मतृ्यु पर बीमित राशि” को निम्न में से सबसे अधिक के रूप में परिभाषित किया गया है:

• वार्षिक प्रीमियम का 10 गुना; या

• उपर दिए गए 7 (अ) में परिभाषित किए गए अनुसार परिपक्वता पर बीमित राशि

• मत्युृ पर भुगतान की जाने वाली पूर्ण राशि, अर्थात मूल बीमा राशि। मत्युृ लाभ, मत्युृ  तारीख तक भुगतान किए गए सभी प्रीमियमों के 105% से, कम नहीं होगा। ऊपर उल्लिखित प्रीमियम में कोई कर, बीमा-लेखन निर्णय के आधार पर लागू किए गये अतिरिक्त प्रभार व राइडर
प्रीमियम, यदि कोई हो, शामिल नहीं हैं।

5. लॉयल्टी एडिशन (निष्ठा विद्ध)

इस योजना के तहत लॉयल्टी एडिशन, यदि घोषित की गई हो, निगम द्वारा निर्धारित दरों पर देय होगी | चालू पॉलिसियों के मत्युृ और परिपक्वता दावों के मामले में, लॉयल्टी एडिशन देय होगी बशर्ते कम से कम पांच पूर्ण वर्षों के लिए प्रीमियम का भुगतान किया गया हो और पॉलिसी के पाँच वर्ष हुए हों।

चुकता पॉलिसियों के तहत मत्युृ या परिपक्वता दावों के मामले में तथा चालू एवं चुकता, दोनों पॉलिसियों के अभ्यर्पण संबंधी मामलों में, लॉयल्टी एडिशन देय होगी बशर्ते कम से कम पांच वषों के लिए प्रीमियम की अदायगी के साथ पांच पॉलिसी वर्ष पूरे किये गये हो । और चुक्ता परिपक्वता बीमित राशि 50000 रुपये या उससे अधिक है। ऐसे मामलों में लॉयल्टी एडिशन, पूर्ण किये गए पॉलिसी वर्षों के लिए देय होगा । जिनके दौरान पॉलिसी चालू स्थिति में थी। अभ्यर्पण के मामलों में, लॉयल्टी एडिशन  के  विशेष अभ्यर्पण मूल्य पर विचार किया जाएगा।

6. पॉलिसी ऋण

यदि कम से कम 3 पूर्ण वर्षों के प्रीमियम का भुगतान किया गया हो, तो पॉलिसी अवधि के दौरान, निगम द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट नियमों और शर्तों के अधीन ऋण का लाभ उठाया जा सकता है। अभ्यर्पण मूल्य के प्रतिशत के रूप में अधिकतम ऋण निम्नानुसार होगा:

• चालूपॉलिसीयों के लिए – 70% तक

• चुकता पॉलिसीयों के लिए – 60% तक पॉलिसी ऋण के लिए ब्याज दर जो ऋण की पूरी अवधि के लिए लागू होता है, समय-समय पर निर्धारित किया जाएगा। (वित्त वर्ष 2018-19 में स्वीकृत ऋण पर , ऋण की पूरी अवधि के लिए लागू ब्याज दर 10.42% है, जो छमाही देय है।) ब्याज के साथ बकाया कोई भी ऋण, दावे की राशि से वसूल किया जाएगा, जब भी दावे का भुगतान किया जाना हो।

7. चुकता राश

यदि एक वर्ष से कम के प्रीमियम का भुगतान किया गया है और यदि किसी भी बाद के प्रीमियम का विधिवत भुगतान नहीं किया गया है, तो पॉलिसी के तहत सभी लाभ रियायती अवधि के बाद समाप्त हो जाएंगे और कोई राशि देय नहीं होगी। यदि कम से कम एक पूरे वर्ष के प्रीमियम का भुगतान किया गया है और यदि किसी भी बाद के प्रीमियम का विधिवत भुगतान नहीं किया जाता है, तो पॉलिसी मूल्य शून्य नहीं होगी बल्कि पॉलिसी चुकता पॉलिसी (paid-up policy) के रूप में जारी रहेगी।

हालांकि, (Micro Insurance Plan) एक चुकता पॉलिसी के तहत जिसमें कम से कम तीन पूर्ण वर्ष के प्रीमियम का भुगतान किया गया है, नीचे दिए गए ऑटो कवर की अवधि लागू होगी। ऑटो कवर अवधि भुगतान नीति के तहत “ऑटो कवर अवधि” नीचे दी गई अवधि के अनुसार होगी। यह ऑटो कवर की अवधि प्रथम अदत्त प्रीमियम के तिथि सेशुरू होती है और इस में रियायत अवधि शामिल होती है।



(Micro Insurance Plan) ऑटो कवर की लागू अवधि निम्नानुसार होगी:

(i) यदि कम से कम तीन पूर्ण वर्ष का लेकिन पांच वर्ष से कम के प्रीमियम का भुगतान पॉलिसी के तहत किया गया हैऔर किसी भी बाद के प्रीमियम का विधिवत भुगतान नहीं किया गया है: छः महीने की ऑटो कवर अवधि उपलब्ध होगी।

(ii) यदि पॉलिसी के तहत कम सेकम पाँच पूर्ण वर्ष के प्रीमियम का भुगतान किया गया हैऔर किसी भी बाद के प्रीमियम का विधिवत भुगतान नहीं किया गया है: दो वर्ष का ऑटो कवर अवधि उपलब्ध होगी। रियायत अवधि के पूरा होने के पश्चात लेकिन

ऑटो कवर अवधि के दौरान, चुकता पॉलिसी के तहत देय लाभ निम्नानुसार होंगे:

(अ) मत्युृ  पर: निम्न कटौती के बाद, मत्युृ  लाभ का भुगतान जिस प्रकार एक चालू पॉलिसी के तहत देय है,

(क) मूल पॉलिसी के अंतर्गत अदत्त प्रीमियम, ब्याज के साथ मत्युृ  की तारीख तक और

(ख) मत्युृ की तारीख से अगले पॉलिसी वरगां वर्ष तक की मूल पॉलिसी के लिए शेष प्रीमियम, यदि कोई हो, देय होगा।

(आ) परिपक्वता पर: चुकता पॉलिसी के तहत परिपक्वता पर बीमित राशि, घटा दी जायेगी और इसे परिपक्वता चुकता बीमित राशि कहा जाएगा । जो पॉलिसी अवधि के अंत तक जीवित रहने पर बीमित व्यक्ति को देय होगी।

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(Micro Insurance Plan) ऑटो कवर अवधि की समाप्ति के बाद चुक्ता पॉलिसी के तहत देय लाभ निम्नानुसार होंगे:

(अ) मत्युृ पर: चुकता पॉलिसी के तहत मत्युृ  पर बीमित राशि कम कर दी जाएगी । जिसे मत्युृ चुकता बीमित राशि कहा जाएगाजो मत्युृ पर देय होगी। यह मत्युृ  चुकता बीमित राशि [मत्युृ पर देय बीमित राशि X (भुगतान किए गए प्रीमियमों की संख्या/ देय प्रीमियम की कुल संख्या)] के बराबर होगी।

(आ) परिपक्वता पर: चुकता पॉलिसी के तहत परिपक्वता पर बीमित राशि घटा दी जायेगी । और इस राशि को परिपक्वता चुकता बीमित राशि कहा जाएगा, जो पॉलिसी अवधि के अंत तक जीवित रहने पर बीमित व्यक्ति को देय होगी। यह राशि [(भुगतान किए गए प्रीमियमों की संख्या / देय प्रीमियम की कुल संख्या) x (परिपक्वता पर बीमित राशि)] के बराबर होगी। परिपक्वता चुकता बीमित राशि के अलावा, निष्ठा वद्धिृ , यदि कोई हो, देय होगी। किसी भी स्थिति में ऊपर बताए अनुसार मत्युृ चुकता बीमित राशि या परिपक्वता चुकता बीमित राशि इस पॉलिसी के तहत अदा किये गए कुल प्रीमियम से कम नहीं होंगी।

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8. कर

वैधानिक कर, यदि कोई हो, भारत सरकार द्वारा ऐसी बीमा योजनाओं पर लगाया जाता है या किसी अन्य संवैधानिक भारतीय कर प्राधिकरण के कर कानूनों और समय समय पर लागूकर की दरों केअनुसार होगा। प्रचलित दरों के अनुसार लागू कर की राशि, पॉलिसी धारक द्वारा पॉलिसी के तहत देय प्रीमियम पर देय होगी, जिसे पॉलिसी धारक द्वारा देय प्रीमियम के अलावा अलग से एकत्रित किया जायेगा। योजना के तहत देय लाभों की गणना के लिए भुगतान की गई कर की राशि पर विचार नहीं किया जाएगा।

9. आत्म हत्या : – यह पॉलिसी अमान्य होगी यदि :

i) (Micro Insurance Plan) बीमित व्यक्ति (चाहे वह मानसिक रूप से स्वस्थ हो या अस्वस्थ) जोखिम शुरू होने की तारीख से 12 महीने के भीतर किसी भी समय आत्म हत्या कर लेता है तो निगम 80% प्रीमियम का भुगतान करने के अलावा किसी भी दावे को स्वीकार नहीं करेगा, बशर्ते कि पॉलिसी चालू स्थिति में हो।

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ii) बीमित व्यक्ति (चाहे वह मानसिक रूप से स्वस्थ हो या अस्वस्थ ) पुनर्चलन की तारीख से 12 महीने के भीतर आत्म हत्या कर लेता है तो \ ऐसी राशि जो मृत्यु की तारीख तक भुगतान किए गए प्रीमियम का 80% हो या मृत्यु की तारीख पर उपलब्ध अभ्यर्पण मूल्य , जो भी अधिक है, देय होगी। निगम किसी अन्य दावा स्वीकार नहीं करेगा। यह धारा चुकता मूल्य प्राप्त किए बिना कालातीत हुई पॉलिसी के लिए लागू नहीं होगा । और ऐसी पॉलिसी के तहत कुछ भी देय नहीं होगा।



नोट: ऊपर उल्लिखित प्रीमियम में कोई भी कर या अतिरिक्त राशि शामिल नहीं होगी जो पॉलिसी के तहत बीमा लेखन निर्णय और किसी भी राइडर प्रीमियम के कारण लिया गया हो। आत्महत्या के कारण मृत्यु के मामले में ऑटो कवर के तहत छूट लागू नहीं होगी।

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