Explain IPC Section 130 to IPC 134 in Hindi– IPC धारा 130 से IPC 134 की व्याख्या कीजिए

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31.(क)  आई.पी.सी.की धारा 130 में क्या अपराध होता है? (Explain IPC Section 130 to IPC 134 in Hindi)

ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना उसे छुड़ाना या आश्रय देना।
Aiding escape of harboring such prisoner.
Experience:-   राजद्रोही कैदी या युद्ध कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुड़ाना यह शरण देना, या  ऐसे कैदी को फिर से पकड़े जाने का विरोध करना।  इसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक का दंड है। और जुर्माना भी। यह संज्ञेय  अपराध है। और अजामनतीय भी है, इसकी सुनवाई सेशन कोर्ट में होती है।
(ख)  इस धारा की जमानत कहां से होती है?
 इस धारा की जमानत कोर्ट से होती है।
(ग)  क्या पुलिस को इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट दिखाने की जरूरत होती है?
 नहीं पुलिस इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार ना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
(घ)  इस धारा के मुकदमे की सुनवाई किस कोर्ट में होती है? 
ऐसे अपराधों को सत्र न्यायालय सुनता है।।।

32.(क)   आई० पी०सी० की धारा 131 में क्या अपराध होता है? (Explain IPC Section 130 to IPC 134 in Hindi)

 विद्रोह का दुष्प्रेरण या किसी सैनिक नौसैनिक या वायु सैनिक को कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना।
Abetting muting, or attempting to seduce a soldier, sailor or airman from his duty.
 Explanation:-   सेना में विद्रोह करने के लिए उकसाना, या किसी सैनिक या सैनिक अफसर को या नौसैनिक ,वायु सैनिक को उसकी राजनिष्ठा या कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना या संज्ञेय है। धारा है। और आजमानतीय भी। इसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है। इस धारा की सुनवाई सेशन कोर्ट में होती है।
(ख)  इस धारा की जमानत कहां से होती है ?
 इस धारा की जमानत कोर्ट से होती है।
(ग)  क्या पुलिस को इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट दिखाने की जरूरत होती है?
 नहीं पुलिस इस धारा के आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
(घ)  इस धारा के मुकदमे की सुनवाई किस कोर्ट में होती है?
 ऐसे अपराधों को सत्र न्यायालय सुनता है।

33- आई०पी०सी० की धारा 132 में क्या अपराध होते हैं?

 विद्रोह का  दुष्प्रेरण यदि उसके परिणाम स्वरूप विद्रोह किया जाए।
Abutment, of mutiny, if mutiny is committed in consequence thereof.
Experience:-   सेना को विद्रोह के लिए उकसाना और विद्रोह करवा देना। यह भी एक बहुत गंभीर किस्म का अपराध है। यह संज्ञेय अपराध है। पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। और थाने से जमानत भी नहीं होती। क्योंकि यह जमानती अपराध है। इसमें कम से कम 10 वर्ष और अधिकतम सजा-ए-मौत तक की सजा और जुर्माना हो सकता है 1984 में सिख रेजीमेंट के कुछ सैनिक बागी हो गए थे। परंतु बाद में उन्होंने सरेंडर कर दिया था। अन्यथा उन पर इसी धारा के केस दर्ज होना था।
(ख)  इस धारा की जमानत कहां से होती है ?
 इस धारा की जमानत कोर्ट से होती है।
(ग)  क्या पुलिस को इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट दिखाने की जरूरत होती है?
 नहीं पुलिस इस धारा के आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
(घ)  इस धारा के मुकदमे की सुनवाई किस कोर्ट में होती है?
 ऐसे अपराधों को सत्र न्यायालय सुनता है।

34-  (क)    आई०पी०सी० की धारा 133 में क्या अपराध होता है?

 सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ ऑफिसर पर जबकि वह ऑफिसर अपने पद निष्पादन में हो हमले का दुष्प्रेरण ।
Abutment of assault by soldier, sailor or airman on his superior officer, when in execution of his office.
Experience:-     ऑफिसर सैनिक नौसैनिक या वायु सैनिक द्वारा अपने सीनियर ऑफिसर पर जब ड्यूटी पर हो, हमला करने के लिए उकसाना। इसमें 3 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। यह संज्ञेय अपराध है। इसीलिए पुलिस को गिरफ्तार करने के लिए वारंट लेने की जरूरत नहीं। इस धारा में जमानत भी अदालत से होती है। इसकी सुनवाई प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में होती है।
(ख)   इस धारा की जमानत कहां से होती है?
 इस धारा की जमानत कोर्ट से होती है।
(ग)   क्या पुलिस को इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट दिखाने की जरूरत होती है?
 नहीं पुलिस इस धारा के आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
(घ)  इस धारा के मुकदमे की सुनवाई किस कोर्ट में होती है?
 ऐसे अपराधों को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट होता है।

35-  (क)    आईपीसी की धारा 134 में क्या अपराध होते हैं?

 ऐसे हमले का दुष्प्रेरण यदि हमला किया जाये।
Abutment of such assault, if the assault is committed.
Experience:-     यदि उकसाने से हमला हो जाता है, तो इस धारा में 7 साल की जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है। यह संज्ञेय अपराध है। इसकी जमानत कोर्ट से होती है। और सुनवाई प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट में होती है।
(ख)   इस धारा की जमानत कहां से होती है?
 इस धारा की जमानत कोर्ट से होती है।
(ग)   क्या पुलिस को इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट दिखाने की जरूरत होती है?
 नहीं पुलिस इस धारा के आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है
(घ)   इस धारा के मुकदमे की सुनवाई किस कोर्ट में होती है? (IPC Section 130 to IPC 134)
 ऐसे अपराधों को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट सुनता

Explain IPC Section 130 to IPC 134 in Hindi– IPC धारा 130 से IPC 134 की व्याख्या कीजिए

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