सुप्रीम कोर्ट के सामने लड़के ने अपील दायर की, जिस पर न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट धारा 482, सीआरपीसी के तहत अपने पहले आदेश को वापस नहीं ले सकता है, क्योंकि आपराधिक मामलों में हाईकोर्ट के द्वारा पारित आदेश को वापस लेने या समीक्षा करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। यह नोट किया गया है कि, यदि स्कूल प्रमाण पत्र में दी गई जन्म तिथि को स्वीकार किया जाता है, तो लड़का 17 वर्ष का था, अर्थात् जब वह लड़की से शादी करता है तो अठारह वर्ष से कम आयु का होता है और इसलिए उस पर बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9 लागू नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने तब जांच की कि क्या धारा 9 में 18 से 21 साल के पुरुष को सजा दी जाएगी। इस तथ्य पर ध्यान देते हुए कि इस मामले में, लड़की एक वयस्क थी,

A Minor Man Cannot be Punished for Marrying an Adult Woman- Supreme Court | एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती

RATHNAMMA & ORS. vs SUJATHAMMA & ORS.- एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती – सुप्रीम कोर्ट…

Jitender Kumar vs. Jasbir Singh | Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property | नजायज बच्चे का पिता की पैतृक सम्पत्ति मे उत्तराधिकार

Jitender Kumar vs. Jasbir Singh | Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property | नजायज बच्चे का पिता की पैतृक सम्पत्ति मे उत्तराधिकार

Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property– क्या एक ‘नाजायज’ बच्चे को पिता की पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकारी बनने का अधिकार है?

दुष्प्रेरण की परिभाषा- Definition of Abetment

Rajiv Kumar Sharma vs State of Utter Pradesh (UP) | समझौता होने के बाद IPC की धारा 498a की शिकायत खत्म हो जाती है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आईपीसी की धारा 498A और दहेज निषेध अधिनियम के तहत की गई आपराधिक शिकायत के बाद यदि पक्षकारों ने…

Supreme Court Judgement on Crpc 125 | पति इस आधार पर अपनी पत्नी को तलाक़ नहीं दे सकता कि वह अब उसके साथ नहीं रह रही है

Supreme Court Judgement on Crpc 125 | पति इस आधार पर अपनी पत्नी को तलाक़ नहीं दे सकता कि वह अब उसके साथ नहीं रह रही है

डॉक्टर स्वपन कुमार बनर्जी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य Diary Number 33665-2009 Judgment Case Number Crl.A. No.-000232-000233 – 2015 19-09-2019 (English) Petitioner Name DR. SWAPAN KUMAR BANERJEE…

Supreme Court Judgement On IPC 306 | वैश्या कहने पर आईपीसी 306 का मामला नही बनेगा

Supreme Court Judgement On IPC 306 | वैश्या कहने पर आईपीसी 306 का मामला नही बनेगा

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया है, जिसमें एक लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को…

Death Penalty Reduces Crime no Data Proves it)

Supreme Court Judgement on Bail | जमानत मिलने का मतलब यह नही कि सज़ा ख़त्म हो गई

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिर कहा है कि किसी की सज़ा को अपील पर सुनवाई तक निलंबित करने का मतलब यह नहीं है कि उसको मिली…

Supreme Court Judgement On Power of Attorney | पावर ऑफ अटर्नी पर प्रोपर्टी खरीदना है खतरनाक

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि जीपीए बिक्री और एसए/जीपीए/वसीयत ट्रांसफ़र क़ानूनी रूप से वैध नहीं है और इससे स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं होता और…

It is not Necessary for the Witnesses to Know What is Written in the Sale Deed/Will || गवाहों के लिए यह जरूरी नहीं है कि उन्हें पता हो कि दस्तावेजों में क्या लिखा है

It is not Necessary for the Witnesses to Know What is Written in the Sale Deed/Will || गवाहों के लिए यह जरूरी नहीं है कि उन्हें पता हो कि दस्तावेजों में क्या लिखा है

सेल डीड/वसीयत के गवाह के लिए यह जानना ज़रूरी नहीं है कि दस्तावेज़ में क्या लिखा है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला ”गवाहों के लिए यह…