मद्रास हाईकोर्ट का फैसला:- एक अविवाहित जोड़े का होटल के कमरे में रहना कोई आपराधिक काम नहीं है

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला:- एक अविवाहित जोड़े का होटल के कमरे में रहना कोई आपराधिक काम नहीं है

मद्रास हाईकोर्ट ने माना है कि एक अविवाहित का होटल के कमरे में रहना कोई आपराधिक काम नहीं है।- Madras high Court said Unmarried couple…

Bombay High Court- बिना वारंट तलाशी लेना निजता के अधिकार का उल्लंघन, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य पर लगाया जुर्माना

Bombay High Court- बिना वारंट तलाशी लेना निजता के अधिकार का उल्लंघन, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य पर लगाया जुर्माना

बिना वारंट तलाशी लेना निजता के अधिकार का उल्लंघन, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य पर लगाया जुर्माना बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह फैसला सुनाते हुए कहा…

लूट क्या होती है और लूट के आवश्यक तत्व का वर्णन करे

Calcutta High Court- अपराधी को मृत्युदंड देने से अपराध में कमी आएगी, ये सुनिश्चित करने के लिए ठोस सांख्यिकीय डाटा उपलब्ध नहीं है

अपराधी को मृत्युदंड देने से अपराध में कमी आएगी, ये सुनिश्चित करने के लिए ठोस सांख्यिकीय डाटा उपलब्ध नहीं है- Death Penalty Reduces Crime, no…

सुप्रीम कोर्ट के सामने लड़के ने अपील दायर की, जिस पर न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट धारा 482, सीआरपीसी के तहत अपने पहले आदेश को वापस नहीं ले सकता है, क्योंकि आपराधिक मामलों में हाईकोर्ट के द्वारा पारित आदेश को वापस लेने या समीक्षा करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। यह नोट किया गया है कि, यदि स्कूल प्रमाण पत्र में दी गई जन्म तिथि को स्वीकार किया जाता है, तो लड़का 17 वर्ष का था, अर्थात् जब वह लड़की से शादी करता है तो अठारह वर्ष से कम आयु का होता है और इसलिए उस पर बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9 लागू नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने तब जांच की कि क्या धारा 9 में 18 से 21 साल के पुरुष को सजा दी जाएगी। इस तथ्य पर ध्यान देते हुए कि इस मामले में, लड़की एक वयस्क थी,

A Minor Man Cannot be Punished for Marrying an Adult Woman- Supreme Court | एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती

RATHNAMMA & ORS. vs SUJATHAMMA & ORS.- एक नाबालिग पुरुष को वयस्क महिला से विवाह करने पर सज़ा नहीं दी जा सकती – सुप्रीम कोर्ट…

हिन्दू विधवा महिला की मौत अगर बिना वसीयत बनाएं हो जाती है तो उसकी प्रॉपर्टी कैसे बांटेंगे || Death of a Hindu Widow is Made Without any Will then How Will the Property be Shared

High Court Judgement on IPC 306 | सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप आईपीसी की धारा 306 के तहत केस बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है

कर्नाटक हाईकोर्ट ने धारा 306 के तहत आरोपित एक अभियुक्त को अग्रिम जमानत देते हुए कहा है कि ”मृत्यु या सुसाइड नोट में लगाए गए…

Patna High Court - पहली पत्नी की सहमति से दूसरा विवाह वैध नहीं है | हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 5 (i)

Women are Entitled to Complain of Domestic Violence even after Living together after Divorce || तलाक के बाद साथ रहने पर भी महिला घरेलू हिंसा की शिकायत करने की हकदार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि तलाक के 10 वर्ष बाद भी अगर पत्न‌ी अपने पति के साथ रह रही है तो वो डोमेस्टिक वायलेंस…

मैरिज ब्यूरो अगर जीवनसाथी ढूंढने में असफल हुआ तो ग्राहक का पैसा वापस देना होगा- जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम का आदेश

High Court Judgement on Invalid Marriage and Police Protection | शादी अमान्य हो फिर भी पुलिस सुरक्षा दी जायेगी

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक विवाहित जोड़े के मामले में देखा कि भले ही वह अमान्य या शून्य विवाह हो या किसी भी…

Jitender Kumar vs. Jasbir Singh | Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property | नजायज बच्चे का पिता की पैतृक सम्पत्ति मे उत्तराधिकार

Jitender Kumar vs. Jasbir Singh | Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property | नजायज बच्चे का पिता की पैतृक सम्पत्ति मे उत्तराधिकार

Illegitimate Child Right to Inherits Fathers Ancestral Property– क्या एक ‘नाजायज’ बच्चे को पिता की पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकारी बनने का अधिकार है?